नई दिल्ली | आरबीएन न्यूज़

फिनलैंड के प्रधानमंत्री Petteri Orpo ने मंगलवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री Narendra Modi से मुलाकात की। इस बैठक में दोनों देशों के बीच आर्थिक, प्रौद्योगिकी और हरित ऊर्जा सहयोग को सुदृढ़ करने पर व्यापक चर्चा हुई।

प्रेस सूचना ब्यूरो (पीआईबी) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार, दोनों नेताओं ने भारत–फिनलैंड संबंधों की प्रगति की समीक्षा की और व्यापारिक एवं रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा देने पर विचार-विमर्श किया।

व्यापार दोगुना करने का साझा लक्ष्य

बैठक की प्रमुख घोषणा यह रही कि भारत और फिनलैंड ने द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। दोनों देशों का मानना है कि इससे आर्थिक संबंधों को उल्लेखनीय गति मिलेगी और निवेश, निर्यात तथा उद्योग सहयोग को प्रोत्साहन मिलेगा।

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर साझा संदेश में कहा कि भारत और फिनलैंड व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि यूरोपीय संघ के साथ भारत के मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के लिए फिनलैंड के समर्थन के प्रति उन्होंने आभार व्यक्त किया।

भविष्य की प्रौद्योगिकियों पर सहयोग

वार्ता के दौरान दोनों नेताओं ने उभरती और भविष्य उन्मुख प्रौद्योगिकियों में सहयोग को बढ़ाने पर विशेष जोर दिया। जिन क्षेत्रों पर चर्चा हुई, उनमें शामिल हैं:

  • 6जी दूरसंचार तकनीक
  • नवाचार और अनुसंधान
  • स्वच्छ ऊर्जा
  • जैव ईंधन
  • सर्कुलर अर्थव्यवस्था (परिपत्र अर्थव्यवस्था)

अधिकारियों के अनुसार, इन क्षेत्रों में संयुक्त अनुसंधान, औद्योगिक साझेदारी और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण के अवसरों का आकलन किया जाएगा।

फिनलैंड को दूरसंचार, हरित प्रौद्योगिकी और सतत विकास मॉडल में विशेषज्ञता प्राप्त है, जबकि भारत तेजी से बढ़ती डिजिटल और ऊर्जा बाजार क्षमता के साथ वैश्विक निवेश के लिए महत्वपूर्ण केंद्र बनकर उभरा है।

भारत–यूरोप संबंधों का व्यापक संदर्भ

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने वक्तव्य में भारत–यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते का उल्लेख करते हुए कहा कि यह भारत–यूरोप संबंधों में एक नए चरण की शुरुआत करेगा। अधिकारियों का मानना है कि इस समझौते से भारत और फिनलैंड के बीच आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि की संभावना है।

विशेषज्ञों के अनुसार, भारत और यूरोपीय संघ के बीच मजबूत व्यापार ढांचा यूरोप के सदस्य देशों, विशेषकर फिनलैंड, के साथ औद्योगिक सहयोग को नई गति दे सकता है।

पृष्ठभूमि: भारत–फिनलैंड संबंध

भारत और फिनलैंड के बीच संबंध दशकों से स्थापित हैं, जिनमें प्रौद्योगिकी, शिक्षा, स्वच्छ ऊर्जा और डिजिटल नवाचार प्रमुख क्षेत्र रहे हैं। दोनों देश बहुपक्षीय मंचों पर भी सतत विकास और जलवायु परिवर्तन जैसे मुद्दों पर सहयोग करते रहे हैं।

हाल के वर्षों में डिजिटल बुनियादी ढांचे, 5जी और 6जी अनुसंधान तथा हरित प्रौद्योगिकी में सहयोग को बढ़ाने पर ध्यान दिया गया है।

कोई औपचारिक समझौता घोषित नहीं

बैठक के उपरांत किसी नए समझौते या संयुक्त घोषणा की जानकारी नहीं दी गई है। हालांकि अधिकारियों ने संकेत दिया कि जिन क्षेत्रों पर चर्चा हुई है, उन्हें आगे मंत्रालय स्तर पर विस्तार से आगे बढ़ाया जाएगा।

आगे की दिशा

व्यापार दोगुना करने के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए दोनों देशों के वाणिज्य, उद्योग और प्रौद्योगिकी विभागों के बीच समन्वय बढ़ने की संभावना है। भविष्य उन्मुख क्षेत्रों में सहयोग के लिए कार्य-समूहों और संयुक्त मंचों के गठन पर भी विचार किया जा सकता है।

नई दिल्ली में हुई यह मुलाकात भारत और फिनलैंड के बीच आर्थिक और तकनीकी साझेदारी को व्यापक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में देखी जा रही है।